दबंग दिल्ली को हराकर बंगाल वॉरियर्स बने प्रो कबड्डी के नए चैंपियन

अहमदाबाद, 19 अक्टूबर 2019: शनिवार को अहमदाबाद के एका एरेना के ट्रांसस्टेडिया में खेले गए प्रो कबड्डी सीज़न-7 फ़ाइनल में बंगाल वॉरियर्स ने दबंग दिल्ली को 39-34 से मात देकर ख़िताब अपने नाम कर लिया। प्रो कबड्डी इतिहास को इस तरह एक नया चैंपियन मिल गया, इससे पहले सीज़न-1 के विजेता जयपुर पिंक पैंथर्स रहे थे, जबकि सीज़न-2 यू मुम्बा ने जीता था और फिर लगातार तीन सीज़न पटना पायरेट्स चैंपियन रहे थे। सीज़न-6 का ख़िताब बेंगलुरु बुल्स ने अपने नाम किया था और अब बंगाल वॉरियर्स के तौर पर मिल गया नया विजेता। इस जीत के हीरो रहे मनिंदर सिंह की ग़ैर मौजूदगी में रेडिंग और टीम की ज़िम्मेदारी संभालने वाले मोहम्मद नबी बख़्श जिन्होंने 9 रेड प्वाइंट्स और एक टैकल प्वाइंट्स के साथ 10 अंक हासिल किए। नबी बख़्श का अच्छा साथ निभाया डिफ़ेंस में जीवा कुमार ने जिन्होंने 4 टैकल प्वाइंट्स हासिल किए। दिल्ली की ओर से एक बार फिर नवीन एक्सप्रेस तो चले जिन्होंने लगातार 21वां सुपर-10 करते हुए 18 रेड प्वाइंट्स लिए और सीज़न-7 में 300 रेड प्वाइंट्स पूरा करने वाले सिर्फ़ तीसरे खिलाड़ी भी बने। लेकिन उन्हें किसी और का साथ नहीं मिला और यही दिल्ली के लिए भारी पड़ गया।

पहले हाफ़ में उम्मीद के मुताबिक़ ही दबंग दिल्ली ने शुरुआत करी थी और 6-0 की बढ़त ले ली थी जिसे और आगे बढ़ाते हुए 7वें मिनट में ही दिल्ली ने बंगाल को ऑलआउट कर दिया था। अब दिल्ली की बढ़त 11-3 की हो गई थी, नवीन एक्सप्रेस पूरे रंग में दिखाई दे रही थी। हालांकि ऑलआउट होने के बाद बंगाल ने वापसी की उम्मीद जगाई थी और एक के बाद एक तीन अंक लाते हुए स्कोर 6-12 कर दिया था, यानी दोनों टीमों के बीच अंतर थोड़ा कम हो गया था। बंगाल ने कमाल की वापसी करते हुए पहले हाफ़ में दिल्ली को भी ऑलआउट करते हुए स्कोर अब 14-15 कर दिया था। हाफ़ टाइम तक बंगाल और दिल्ली दोनों का ही स्कोर 17-17 से बराबर हो गया था, बंगाल को वापसी दिलाई मोहम्मद नबी बख़्श ने जिन्होंने कुल 7 रेड प्वाइंट्स लिए तो दिल्ली की ओर से नवीन कुमार ने 6 रेड प्वाइंट्स लिए। दिल्ली के लिए पहले हाफ़ में नवीन का 7 मिनट मैट से बाहर रहना टीम को भारी पड़ा, और उन्होंने 11-3 की बढ़त को ज़ाया कर दिया। बंगाल की इस वापसी का श्रेय मनिंदर सिंह को भी जाता है, जो भले ही खिलाड़ी के तौर पर चोट की वजह से नहीं खेल पा रहे थे लेकिन सहायक कोच ही नई भूमिका में मनिंदर लगातार टीम की हौसलाअफ़ज़ाई कर रहे थे और उन्हें ज़रूरी मार्ग दर्शन दे रहे थे।

दूसरे हाफ़ में भी बंगाल ने शानदार शुरुआत की और एक बार फिर बंगाल ने दिल्ली को ऑलआउट करते हुए पहली बार मैच में 25-21 की बढ़त बना ली थी। दिल्ली की ओर से नवीन ने एक बार फिर अपना सुपर-10 पूरा करते हुए लगातार 21वां और सीज़न-7 का 22वां सुपर-10 पूरा कर लिया था। लेकिन बंगाल ने लगातार तीसरी बार दिल्ली को ऑलआउट करते हुए अब 10 अंकों की बढ़त हासिल कर ली थी और अब 7 मिनटों का खेल बचा था। दिल्ली के लिए मुश्किल बढ़ती जा रही थी और बंगाल ख़िताब के क़रीब बढ़ती जा रही थी। बंगाल की ताक़त इस मैच में डिफ़ेंस थी, जिसमें जीवा कुमार सबसे आगे थे जबकि बलदेव सिंह और रिंकू नरवाल उनका शानदार साथ निभा रहे थे। आख़िरी साढ़े तीन मिनट का खेल बचा था और अभी भी बंगाल के पास 8 अंकों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल थी, जो उन्हें ख़िताब के नज़दीक खड़ा कर चुकी थी। और वही हुआ जैसे ही व्हिसल बजी बंगाल बन चुकी थी नई चैंपियन।

उधर केबीडी जूनियर्स के फ़ाइनल में पटना के माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल ने ख़िताबी मुक़ाबले में दिल्ली के मदर ख़ज़ानी पब्लिक सकूल को 42-32 से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। इस मैच में जीत के हीरो रहे पटना के माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल के रेडर यश राज जिन्होंने सुपर-10 के साथ 16 रेड प्वाइंट्स लए जबकि टॉप डिफेंडर रहे हाई फ़ाइव के साथ तिलक राज जिन्हें 5 टैकल प्वाइंट्स हासिल हुआ।

 

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